Thursday, 20 August 2020

National Online Quiz Competition : INTERNATIONAL OZONE LAYER PRESERVATION DAY


Vigyan Prasar Network (VIPNET) of Science Clubs, Govt. Of India 
UAN :- VP-BR0032 & VP-RJ0064 

National Online Quiz Competition

on the occasion of 
International Day for the Preservation of the Ozone Layer
(September 16 was designated by the United Nations General Assembly as the International Day for the Preservation of the Ozone Layer. This designation had been made on December 19, 2000, in commemoration of the date, in 1987, on which nations signed the Montreal Protocol on Substances that Deplete the Ozone Layer.)


Jointly organized by :

KALPANA CHAWLA SCIENCE CLUB, Darbhanga (Bihar) 
&
A. P. J. Abdul Kalam National Council of Young Scientist (Bihar) India


        STARTING DATE   : 16.09.2020 (12:00AM)
         LAST DATE   : 18.09.2020 (11:59PM)


📃 RESULT ANNOUNCEMENT : 20.09.2020


The Link will be open on 16.09.2020 at 05:30AM




Tuesday, 21 July 2020

ISRO के स्थापना दिवस पर ऑनलाइन पेंटिंग प्रतियोगिता


Vigyan Prasar Network (VIPNET) of Science Clubs, Govt. Of India 

UAN :- VP-BR0032 & VP-RJ0064 

National Online Painting Competition
on the occasion of 
Establishment Day of ISRO

Jointly organized by :
KALPANA CHAWLA SCIENCE CLUB, Darbhanga (Bihar) 
&
A. P. J. Abdul Kalam National Council of Young Scientist (Bihar) India


Theme : 'INDIA IN SPACE'
Category - A : Class 5th to 7th
Category - B : Class 8th to 10th
⚠️ LAST DATE OF SUBMISSION : 10.08.2020
📃 RESULT ANNOUNCEMENT : 15.08.2020
➡️ Only one Painting for each submission.
➡️ Click the picture of your painting and upload in the given link. (image size not more than 1 MB)
Participant must write there name on the painting.
Selected Paintings will published in our E-magazine

Fill the Registration form and Upload a digital copy of your painting here :-

https://tinyurl.com/y5gma4f8


Sunday, 12 July 2020

नेशनल ऑनलाइन साईंस क्विज का आयोजन


विज्ञान खबर : [RR]  ::  दिनांक 11 जुलाई 2020 (शनिवार) को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर ए. पी. जे. अब्दुल कलाम नेशनल कौंसिल ऑफ यंग साइंटिस्ट एवं चावला विज्ञान क्लब, दरभंगा, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में jio Meet के माध्यम से एक ऑनलाइन नेशनल साईंस क्विज का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश भर से चयनित 40 बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जाने माने वैज्ञानिक एवं खगोलविद डॉ. जे. जे. रावल जी ने किया। इस मौके पर उन्होनें कहा कि बच्चों में विश्व कल्याण की भावना का बोध होना अनिवार्य है क्योंकि ये संपूर्ण जगत ही एक परिवार की भांति है। जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में भी युवाओं को जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होनें कार्यक्रम में सम्मिलित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस वर्चुअल आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. बी. एन. राव जी उपस्थित थे। वे देश भर में मैथ्स गुरु के नाम से जाने जाते हैं। उन्होने अब तक देश- दुनियां के 3 लाख से भी अधिक बच्चों को प्रशिक्षण दिया है। उन्होनें इस क्विज के संयोजक रवि रौशन कुमार को बधाई देते हुए आह्वान किया कि बच्चों में जिज्ञासा बनी रहे इसलिए समय-समय ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।

कार्यक्रम में रमण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. चंद्रमौली जोशी जी ने देश भर से आए बच्चों को संबोधित करते हुए उन्हें डॉ. कलाम के सपनों का भारत बनाने की दिशा में आगे बढने के लिए प्रेरित किया। उन्होने कार्यक्रम के आयोजकों को धन्‍यवाद ज्ञापित किया।

इस ऑनलाइन साईंस क्विज में देश भर के एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल कौंसिल ऑफ यंग साइंटिस्ट के निदेशकगण भी जुड़े थे इनमें श्री गजेंद्र गेपाला जी, श्री ब्रजेश दीक्षित जी, श्री सुनील वानखेड़े जी, श्री आलोक चौधरी जी, श्री दर्शनलाल बावेजा जी , श्री बासुदेव कमलिया जी, श्री उपकार दत्त जी एवं जम्मू कश्मीर से श्री कुलदीप गुप्ता जी सहित देश भर से विज्ञान संचारक इस ऑनलाइन क्विज शो का हिस्सा बने।

इस LIVE Quiz Show के पूर्व कुल 700 पंजीकृत प्रतिभागियों के बीच ऑनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट लिया गया था जिसमें 15 बहुवैकल्पिक प्रश्‍न दिए गए थे। इस स्क्रीनिंग के बाद कुल 40 बच्चों का चयन लाइव क्विज हेतु किया गया।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्री गजेन्द्र गेपाला जी ने किया। वे एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल कौंसिल ऑफ़ यंग साइंटिस्ट के राष्ट्रीय निदेशक हैं। 

कार्यक्रम का संयोजन श्री रवि रौशन कुमार ने किया। 

कार्यक्रम के बाद सभी बच्चों को उनके ईमेल पर ई-प्रमाण पत्र भेज दिया गया।

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Wednesday, 13 May 2020

क्या था Y2K संकट? आइए जानते हैं।

आज भले ही पूरी दुनिया में संचार क्रांति आ चुकी हो। विशाल कम्प्यूटर अपना रूप बदलकर जेब में समा चुके हो, लेकिन इस सदी की शुरुआत में हालात ऐसे नहीं थे। कहा तो ये भी जा रहा था कि पूरी दुनिया से कम्प्यूटर खत्म हो जाएंगे। संचार तंत्र प्रभावित हो जाएगा कारण था Y2K बग।
ये वो दौर था जब पूरा संसार 20वीं सदी से 21वीं सदी में प्रवेश कर रहा था। सन 1999 खत्म होकर 2000 की शुरूआत होने वाली थी, लेकिन दुनियाभर के कम्प्यूटर सिस्टम 31 दिसंबर, 1999 से आगे का साल बदल पाने में सक्षम नहीं थे। यह समस्या केवल तब तक रही, जब तक भारतीय कम्प्यूटर इंजीनियर्स ने ऐसे कम्प्यूटरों को 21वीं सदी का बनाकर नहीं छोड़ा। शायद पीएम मोदी भारतीयों की इसी कड़ी मेहनत और परिश्रम का उदाहरण दुनिया के सामने रखना चाहते थे।

नहीं बदलती 31 दिसम्बर 1999 के बाद तारीख!
दरअसल जब साल 1999 खत्म हुआ तो उस समय कम्प्यूटर डिफॉल्ट रूप से अगले साल को 1900 करने वाला था और यदि ऐसा हो जाता तो दुनियाभर की सभी गणनाएं गलत हो जातीं। साल 2000 की शुरुआत में संख्या को लेकर कंप्यूटर के कैलेंडर और स्टोरेज में आई समस्या को Y2K संकट कहा गया। Y2k में y का मतलब year (ईयर), 2 को मतलब दो और k का मतलब हजार है यानी 2000। 

पूरी दुनिया को इस बात की चिंता थी कि साल 2000 में प्रवेश करते ही कम्प्यूटर काम करना बंद कर देंगे। वायटूके संकट को मिलियन बग भी कहा गया क्योंकि दुनियाभर के कम्प्यूटर में तारीख को लेकर बग आने वाला था। दुनियाभर की सरकारों ने इस समस्या से निपटने के लिए अरबों डॉलर्स खर्च किए। यदि इस बग को ठीक नहीं किया गया होता तो सबसे ज्यादा नुकसान बैकिंग, साइबर सिक्योरिटी और वैज्ञानिक क्षेत्र को होता।
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पीएम मोदी ने क्यों किया Y2K संकट का जिक्र?
आज की ही तरह उस वक्त भी पूरी दुनिया इस संकट से परेशान थी। कोरोना वायरस महामारी की तरह जान पर खतरा तो नहीं था, लेकिन टेक्नोलॉजी जगत में भूचाल आया हुआ था। उस दौर के कम्प्यूटर विशेषज्ञों ने यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए थे कि कम्प्यूटर में 21वीं सदी के लिए पर्याप्त प्रोग्राम नहीं हैं, इसलिए वे ध्वस्त हो सकते हैं। अमेरिका-यूरोप में तो हालात बेहद विषम थे। क्म्प्यूटर का ध्वस्त होना मतलब पावर ग्रिड फेल हो जाना। बैंक सेवाएं बाधित होना। बिक्री और उत्पादन न होने के कारण व्यवसाय चौपट हो जाना। अर्थात अर्थव्यवस्था ही गिर जाना। उस समय तक भारत में इंफोसिस, विप्रो जैसी आईटी कंपनियां शुरू हो चुकी थी। इसके अलावा भारत जैसा सस्ता श्रम और तेज दिमाग दुनिया में कहीं नहीं था। एक अनुमान के मुताबिक इस बग को ठीक करने में विश्व भर को 600 से 1,600 बिलियन यूएस डॉलर्स खर्च करने पड़े थे। तब भारतीय वैज्ञानिकों ने सामने आकर इस संकट का खात्मा किया दुनिया भर में अपनी ताकत का लोहा मनवाया था, जिसके बाद विदेशों में भारतीय कम्प्यूटर इंजीनियर्स की मांग तेजी से बढ़ी।

साभार :- अमर उजाला

रवि रौशन कुमार
शिक्षक, UHS Madhopatti 
Darbhanga (Bihar) 

Saturday, 1 February 2020

विज्ञान -सह- TLM प्रदर्शनी का आयोजन

आज दिनांक 01.02.2020 (शनिवार) को राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय माधोपट्टी में संकुल स्तरीय विज्ञान -सह- टी.एल.एम. मेला का आयोजन किया गया. उक्त मेला में संकुलाधीन सभी 14 विद्यालयों के शिक्षकों और बच्चों ने भाग लिया. इस अवसर पर तरह - तरह के मॉडल एवं पोस्टर की प्रदर्शनी लगायी गयी. शिक्षकों ने अलग अलग-अलग विषय से संबंधित अनेक टी. एल. एम. का प्रदर्शन किया. प्रतिभागी विद्यालयों में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय माधोपट्टी, मध्य विद्यालय बरियौल बोर्ड, एन. पी. एस. अनु. जाति कॉलोनी, प्राथमिक विद्यालय बी. एम. सी. बरियौल, प्राथमिक विद्यालय उर्दू बरियौल, प्राथमिक विद्यालय गंज, प्राथमिक विद्यालय सुंदरपुर, प्राथमिक विद्यालय पिंडारुच (कन्या), प्राथमिक विद्यालय पिंडारुच बेसिक, प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर, मध्य विद्यालय रघौली की सहभागिता सराहनीय रही.

         संकुल संसाधन केंद्र समन्वयक श्री अमोल चंद्र झा एवं संकुल प्रभारी - सह- प्रधानाध्यापक श्री सीताराम मल्लिक ने संयुक्त रूप से मेले का उद्घाटन किया.

        उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय माधोपट्टी के शिक्षक रवि रौशन कुमार ने गणित, भाषा एवं सामाजिक विषयों पर क्रियात्मक टी. एल. एम. को प्रदर्शित किया. बरियौल बोर्ड के शिक्षकों द्वारा विभिन्न पोस्टरों के माध्यम से बच्चों को विभिन्न विषयों के बारे में बताया. उच्च विद्यालय पिंडारुच के विद्यार्थियों ने #इसरो के उपग्रह प्रक्षेपण यान जी.एस.एल.वी. का विशालकाय मॉडल प्रदर्शित किया. वहीं प्राथमिक विद्यालय बी. एम. सी. बरियौल के छात्रों ने नवीकरणीय ऊर्जा पर अधारित मॉडल का प्रदर्शन किया. 

टी. एल. एम. प्रदर्शनी में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय माधोपट्टी के शिक्षक श्री रवि रौशन कुमार द्वारा बनाए गए टी. एल. एम. को सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त हुआ. द्वितीय स्थान पर उ. मा. विद्यालय माधोपट्टी की शिक्षिका श्रीमति नीलिमा झा जबकि तृतीय स्थान पर मध्य विद्यालय बरिऑल बोर्ड के शिक्षक श्री रवींद्र ठाकुर रहे. 

 विज्ञान प्रदर्शनी में वर्ग 6-8 की श्रेणी में प्रथम स्थान पर मध्य विद्यालय रघौली के छात्र अभिषेक कुमार, द्वितीय स्थान पर संयुक्त रूप से उ. मा. विद्यालय माधोपट्टी के कुमारी कुंदन और रोजी रही वहीं तृतीय स्थान पर उ. मा. विद्यालय माधोपट्टी के अभिषेक कुमार को चुना गया. 
 उच्च वर्ग में उच्च विद्यालय पिंडारुच के छात्र मिथुन कुमार, कन्हैया कुमार एवं राधा कुमारी के ग्रुप को प्रथम स्थान, प्रवीण, दिलखुश एवं राजू को द्वितीय एवं उ. मा. विद्यालय माधोपट्टी के छात्र सुमन कुमार पंडित को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ.

निर्णायक की भूमिका श्री अमोल चंद्र झा, श्री राजीव कुमार, मो. अल्लाउद्दीन, श्री कार्तिक झा ने निभाया. 

सभी वर्गों में प्रथम स्थान पाने वाले प्रतिभागियों को प्रखंड स्तर पर दिनांक 03.02.2020 को खिरमा में आयोजित विज्ञान -सह- टी. एल. एम. मेला में भाग लेने का मौका मिलेगा.
TLM से संबंधित video देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें 👇
https://youtu.be/UFLByLS9zYM

Monday, 23 December 2019

26 दिसम्बर को लगेगा सूर्य ग्रहण

विज्ञान खबर : राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय माधोपट्टी केवटी में शिक्षक रवि रौशन कुमार ने बच्चों को आगामी 26 दिसम्बर को होने वाले सूर्य ग्रहण के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होने बताया कि दिनांक 26 दिसम्बर 2019 को देश के अधिकांश हिस्सों से सूर्य ग्रहण देखा जाएगा. सुबह 8 बजकर 17 मिनट से लेकर 10 बजकर 57 मिनट तक चलने वाला ये सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा. इससे पूर्व 6 जनवरी और  2 जुलाई को सूर्य ग्रहण पड़ा था.  दक्षिण भारत के राज्यों में इस दिन सूर्य एक हीरे की अंगूठी की भांति दिखेगा जबकि मध्य और उत्तर भारतीय राज्यों में आंशिक रूप से सूर्य ग्रहण का नजारा दृष्टिगोचर होगा. बच्चों को सुरक्षित रूप से सूर्य ग्रहण देखने का निर्देश देते हुए शिक्षक रवि रौशन कुमार ने कहा कि नंगी आँखों से सूर्य ग्रहण नहीं देखना चाहिए इससे आंखों को स्थाई रूप से क्षति पहुंच सकती है. उन्होने इसके लिए सोलर फ़िल्टर अथवा सोलेर व्यू गॉगल का प्रयोग करने को कहा. सूर्य ग्रहण एक ऐसा खगोलीय घटना है जिसमे सूर्य और पृथ्वी के बीच चन्द्रमा आ जाता है. ये घटना अमावस्या की तिथि को ही होती है. ज्ञातव्य हो कि अगला सूर्यग्रहण अब 21 जून 2020 को पड़ेगा.

Saturday, 12 October 2019

न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड-इसरो की दूसरी व्यावसायिक शाखा (New Space India Limited - Second Commercial Branch of ISRO)

हाल ही में न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (New Space India Limited-NSIL) का आधिकारिक रूप से बंगलूरु में उद्घाटन किया गया है।न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation-ISRO) की एक वाणिज्यिक शाखा है।

अंतरिक्ष के क्षेत्र में ISRO द्वारा की गई अनुसंधान और विकास गतिविधियों के व्यावसायिक उपयोग हेतु न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड को 100 करोड़ रुपए के अधिकृत शेयर पूंजी (पेड-अप कैपिटल 10 करोड़ रुपए) के साथ 6 मार्च, 2019 को शामिल किया गया था।

यह ‘एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन’ के बाद इसरो की दूसरी व्यावसायिक शाखा है। एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन को मुख्य रूप से वर्ष 1992 में इसरो के विदेशी उपग्रहों के वाणिज्यिक प्रक्षेपण की सुविधा हेतु स्थापित किया गया था।

NSIL का उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों में उद्योग की भागीदारी को बढ़ाना है।NSIL अंतरिक्ष से संबंधित सभी गतिविधियों को एक साथ लाएगा और संबंधित प्रौद्योगिकियों में निजी उद्यमशीलता का विकास करेगा।


टेक्नोलॉजी ट्रांसफर मैकेनिज्म के माध्यम से स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल और पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल का निर्माण और उत्पादन।यह उभरती हुई वैश्विक वाणिज्यिक SSLV बाज़ार की मांग को भी पूरा करेगा, जिसमें उपग्रह निर्माण और उपग्रह-आधारित सेवाएँ प्रदान करना शामिल है।