उत्पत्ति के सिद्धांत के बारे में ‘आम लोगों के मन में डाले जा रहे भ्रम' को दूर करने के लिए और इंसानों में क्रमिक बदलाव, बंदर से कैसे हो पाया इसे सबूत के साथ साबित करने के लिए देशभर के वैज्ञानिक सोमवार से ‘चार्ल्स डार्विन’ वीक मनाने जा रहे हैं.
द इंडिया मार्च फॉर साइंस ऑर्गनाइजिंग कमिटी और ब्रेकथ्र्यू साइंस सोसायटी 12-18 फरवरी के दौरान डार्विन सप्ताह आयोजित कर रही है.
क्या है डार्विन की ओरिजिन थ्योरी?
ये सिद्धांत प्राकृतिक चयन पर आधारित है जिसके मुताबिक जीवन का विकास लाखों साल पहले एक कोशिकीय जीवों से हुआ. चार्ल्स डार्विन का मानना था कि प्रकृति क्रमिक परिवर्तन से अपना विकास करती है. इस सिद्धांत को विकासवाद का नाम दिया गया.
ब्रेकथ्र्यू साइंस सोसायटी ऑल इंडिया कमिटी के महासचिव बनर्जी ने कहा, ‘हम विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जायेंगे तथा डार्विन सिद्धांत के बारे में भ्रम दूर करेंगे. हम दिखायेंगे कि ये बस सिद्धांत नहीं है बल्कि इसे सही साबित करने के सैकड़ों तरीके हैं.’
स्रोत:-https://hindi.thequint.com/tech-and-auto/science/scientists-are-organizing-charles-darwin-week-in-all-india





